आईडीए सहजनवा शाखा द्वारा सीडीई एवं बेसिक इम्प्लांटोलॉजी कार्यक्रम का सफल आयोजन

धरती पूर्वांचल की गोरखपुर संवाददाता
सहजनवा। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) सहजनवा शाखा द्वारा आयोजित Continuing Dental Education (CDE) Program एवं Basic Implantology Seminar का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक दंत चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इम्प्लांटोलॉजी के नवीनतम सिद्धांतों, तकनीकों एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक भावुक क्षण के साथ हुआ, जब आईडीए रायबरेली शाखा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सचिव एवं वर्तमान शाखा प्रतिनिधि डॉ. आदर्श सिंह की पूज्य माताजी के लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में निधन पर उपस्थित सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. हेमंत गुप्ता का स्वागत आईडीए सहजनवा शाखा के President-Elect डॉ. मनीष सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। वहीं Chief Patron डॉ. राजीव गुलाटी का स्वागत शाखा अध्यक्ष डॉ. मार्कण्डेय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव गुलाटी एवं शाखा सचिव डॉ. राज कुमार सिंह को शॉल एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन डॉ. मैनाक द्वारा किया गया। अपने व्याख्यान में डॉ. हेमंत गुप्ता ने इम्प्लांटोलॉजी के आधुनिक सिद्धांतों, उपचार पद्धतियों एवं क्लीनिकल अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को आधुनिक दंत चिकित्सा में इम्प्लांट उपचार की बढ़ती उपयोगिता एवं महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण निःशुल्क Hands-on Training Session रहा, जिसमें डॉ. पवन पाण्डेय, डॉ. हिमांशु सिंह, डॉ. अभिषेक पाण्डेय, डॉ. चितरेश सिंह, डॉ. कुलदीप राय सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण सत्र ने प्रतिभागियों को इम्प्लांटोलॉजी की व्यावहारिक बारीकियों को समझने और अपने क्लीनिकल कौशल को विकसित करने का अवसर प्रदान किया।आईडीए सहजनवा शाखा ने Osstem Implant के श्री हरिओम सिंह के विशेष सहयोग एवं समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही Stanlife Pharma को कार्यक्रम के प्रायोजन एवं सहयोग हेतु धन्यवाद दिया गया।शाखा अध्यक्ष डॉ. मार्कण्डेय गुप्ता एवं शाखा सचिव डॉ. राज कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम दंत चिकित्सकों के ज्ञान एवं कौशल को निरंतर अद्यतन रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के शैक्षणिक एवं कौशल-विकास कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं युवा दंत चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।